प्रेम तुम्हारा कठिन सफ़र सा
नहीं मिल रहा कोई ठौर
मुझको ठुकराने से पहले
कसम प्यार की खायी है
वादों की देहरी पर बैठा
ढूंढ रहा तुमको चहुँओर
हमने तो बस तुममें ही
खुद की आहट पायी है
तुम तो चले गए बस यूं ही
कैसे बढ़े ये जीवन डोर
तुम बिन मैं कुछ भी नहीं
पग-पग वीरानी छायी है
नहीं मिल रहा कोई ठौर
मुझको ठुकराने से पहले
कसम प्यार की खायी है
वादों की देहरी पर बैठा
ढूंढ रहा तुमको चहुँओर
हमने तो बस तुममें ही
खुद की आहट पायी है
तुम तो चले गए बस यूं ही
कैसे बढ़े ये जीवन डोर
तुम बिन मैं कुछ भी नहीं
पग-पग वीरानी छायी है
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