वीराने पथ पर,
अनुशासन की राह सजाये,
निकला यह दीवाना था,
मिला नहीं कुछ भी ऐसा,
जो बातों से आगे जाये,
सो सोचा,
बातों ही बातों को,
बातों से जोड़ा जाये,
ब्लॉगिंग देखी,
ब्लॉगिंग समझी,
टॉकिंग का मार्ग प्रशस्त हुआ...
... और बन गया
let's talk

Saturday, 15 December 2012

...तो मैं क्या करूं

जिंदा रहने को
जरूरी है जिंदगी
गर वही रूठ जाए
तो मैं क्या करूं

वो कहते हैं मुझसे
मना लो जिंदगी को
ठीक हो जाएंगे
हाल दिल के सभी

कोई उनको बताये
हालातों का सच
कठिन है बहुत
जिंदगी की डगर

वो जिसमें छुपी
है मेरी जिंदगी
दूर मुझसे बहुत
हो गया वो सफ़र

इतना आसां होता
मनाना जिंदगी को
रूठने न देता कभी
मैं उसे इस तरह

Tuesday, 4 December 2012

सफर

जिंदगी,
बस इत्तफाक तो नहीं
एक संघर्ष का प्लेटफार्म है
जहां मिलते हैं
तमाम जाने-अनजाने लोग
एक बड़े सफर पर जाने के लिए
उनमें से कुछ
बन जाते हैं हमसफर

इन हमसफरों में भी कुछ
होते हैं बेवफा
जो किसी न किसी स्टेशन पर
छोड़ जाते हैं साथ
सबसे कठिन है
उन्हें पहचानना
जो बीच में ही चल देंगे
हमें सोता समझ कर

इस सफर में
हमें ढूंढ़ने होते हैं
कुछ सच्चे कुछ अपने
जो साथ चलें हर कदम पर
और कहें
नहीं है घबराने की कोई वजह
अंधेरे भरे हर मोड़ पर
उनका उजाला जो है