वीराने पथ पर,
अनुशासन की राह सजाये,
निकला यह दीवाना था,
मिला नहीं कुछ भी ऐसा,
जो बातों से आगे जाये,
सो सोचा,
बातों ही बातों को,
बातों से जोड़ा जाये,
ब्लॉगिंग देखी,
ब्लॉगिंग समझी,
टॉकिंग का मार्ग प्रशस्त हुआ...
... और बन गया
let's talk

Wednesday, 13 February 2013

ये बात न तुमने जानी है


 तुम्हारे करीब आकर
दूरियों का पता चला
साथ रहकर तमाम दिन
तनहाइयों का पता चला

अकेले मेरा वजूद ही नहीं कुछ
सच के पास गया तो जाना
तुम बिन अधूरा हूँ मैं बिल्कुल
परछाई गुम हुई तो माना

सच कहता हूँ आज कसम से
तुम बिन जीना बेमानी है
कैसे कटती है रात मेरी
ये बात न तुमने जानी है