वीराने पथ पर,
अनुशासन की राह सजाये,
निकला यह दीवाना था,
मिला नहीं कुछ भी ऐसा,
जो बातों से आगे जाये,
सो सोचा,
बातों ही बातों को,
बातों से जोड़ा जाये,
ब्लॉगिंग देखी,
ब्लॉगिंग समझी,
टॉकिंग का मार्ग प्रशस्त हुआ...
... और बन गया
let's talk

Monday, 18 May 2015

इतना मगरूर नहीं हूं

एहसानों की फेहरिश्त में
कई दर्द छुपाए हुए हूं
मैं कुछ भी हो जाऊं
वादाफरामोश नहीं हूं

दूरियों के इस दर्द में
पूरी तरह मशगूल हूं
तुम ने जैसा समझा 
वैसा बिल्कुल नहीं हूं

तुझसे दूर जाने को
थोड़ा सा मजबूर हूं
सब कुछ भुला दूं मैं
इतना मगरूर नहीं हूं