कुछ तो है
तुम में
सबसे अलग
सबसे ख़ास
सच कहता हूँ
तुम बिन
कुछ भी नहीं
जगत में
सब कुछ
सूना-सूना है
बिलकुल ही
रीता-रीता है
मुझे पता है
तुम्हें नहीं
परवाह मेरी
बिल्कुल भी
फिर भी
ना जाने क्यों
मैंने बांधी
उम्मीदें तुमसे
जाओ अब तुम
जी लूँगा मैं भी
टूटी उम्मीदों
बिखरे सपनों संग
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