वीराने पथ पर,
अनुशासन की राह सजाये,
निकला यह दीवाना था,
मिला नहीं कुछ भी ऐसा,
जो बातों से आगे जाये,
सो सोचा,
बातों ही बातों को,
बातों से जोड़ा जाये,
ब्लॉगिंग देखी,
ब्लॉगिंग समझी,
टॉकिंग का मार्ग प्रशस्त हुआ...
... और बन गया
let's talk

Saturday, 13 April 2013

आओ सुख ढूंढ़े

जलते अंगारों में
उठते शोलों में
कुछ पीली सी लपटों में
आओ सुख ढूंढ़ें

टूटे सपनों में
ढहती इच्छाओं में
और दरकते अरमानों में
आओ सुख ढूंढ़ें

अपने लोगों में
पहचाने बोलों में
धोखे के अंबारों में
आओ सुख ढूंढ़ें

5 comments:

  1. its all mind game......sukh dhoondna ni padta u will get it if u want

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  2. रूठे रिश्तों से,
    छुटे मित्रों से
    झूठे किस्सों से
    ऊपर निकलें
    फिर से जुड़ लें
    ... आओ सुख ढूंढें

    बहुत सुन्दर... "आओ सुख ढूंढें", शब्दों के सागर से मोती ढूंढ लाये हो दोस्त

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