पापा जल्दी आ जाओ
भैया बहुत सताता है
बेमतलब की बातें कर
अक्सर मुझे डराता है
झूठ-मूठ ही उसकी बातें
मुझको डांट खिलाती हैं
दादी माँ भी यूँ ही
उसके झांसे में आती हैं
सच्ची पापा तुम बिन अब
कुछ भी ठीक नहीं लगता
माँ से लोरी सुनना भी
मुझको खास नहीं भाता
रात अचानक सोते-सोते
नींद मेरी खुल जाती है
सपनों में भी अब केवल
तस्वीर तुम्हारी दिखती है
भैया बहुत सताता है
बेमतलब की बातें कर
अक्सर मुझे डराता है
झूठ-मूठ ही उसकी बातें
मुझको डांट खिलाती हैं
दादी माँ भी यूँ ही
उसके झांसे में आती हैं
सच्ची पापा तुम बिन अब
कुछ भी ठीक नहीं लगता
माँ से लोरी सुनना भी
मुझको खास नहीं भाता
रात अचानक सोते-सोते
नींद मेरी खुल जाती है
सपनों में भी अब केवल
तस्वीर तुम्हारी दिखती है
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