कुछ खुशियाँ छोटी होती हैं
पर कीमत होती बहुत बड़ी
कोई तो बतलाये मुझको
ये खुशियाँ महँगी क्यों हैं?
छोटी खुशियों की खातिर
कीमत की परवाह न की
अब जवाब भी दे दे कोई
खुशियों की कीमत क्यों है?
सच कहता हूँ आज सुनो
अब न सूझता कुछ भी है
कोई सुझाए आकर मुझको
खुशियाँ देखूं या कीमत छोडूं?
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