वीराने पथ पर,
अनुशासन की राह सजाये,
निकला यह दीवाना था,
मिला नहीं कुछ भी ऐसा,
जो बातों से आगे जाये,
सो सोचा,
बातों ही बातों को,
बातों से जोड़ा जाये,
ब्लॉगिंग देखी,
ब्लॉगिंग समझी,
टॉकिंग का मार्ग प्रशस्त हुआ...
... और बन गया
let's talk

Saturday, 4 October 2014

अबकी मेला बड़ा कठिन था

अबकी मेला बड़ा कठिन था
भीड़ बहुत थी शोर बहुत था
रावण सारे बहुत बड़े थे
राम कहीं बस छिपे खड़े थे

लीला करना पड़ा जटिल था
तीर राम का गुमसुम सा था
रावण वध की आई बारी
नेता ने वह बाजी मारी

तीर चलाना राम को जो था
वह भी नेता ने छीना था
रावण को रावण ने मारा
मौन रह गया मेला सारा

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