वीराने पथ पर,
अनुशासन की राह सजाये,
निकला यह दीवाना था,
मिला नहीं कुछ भी ऐसा,
जो बातों से आगे जाये,
सो सोचा,
बातों ही बातों को,
बातों से जोड़ा जाये,
ब्लॉगिंग देखी,
ब्लॉगिंग समझी,
टॉकिंग का मार्ग प्रशस्त हुआ...
... और बन गया
let's talk

Tuesday, 3 April 2018

सच्चे अपने किस्से हैं

ये अदा है तेरी या बेरुखी, 
मुश्किल है जरा समझना
ये याद है तेरी या हिचकी, 
दिल खोलके सच कहना

मेरे कानों में घुल रही हैं, 
तेरी मीठी सी रुसवाइयां
दिल पे दस्तक दे रही हैं, 
तेरी खामोश सच्चाइयां

मेरे तसव्वुर में तुम हो, 
बस यही है बतलाना
तेरी ख्वाहिशें हैं मेरी,
इतना सा है समझाना

तेरी वफा का तलबगार हूं,
ये बताने की है मशक्कत
मेरा वजूद तुमसे ही है,

उसे पाने की है बस चाहत

तुम हो तो ही मैं भी हूं, 
सब अफसाने तुमसे हैं
बार-बार यह कहता हूं,
सच्चे अपने सब किस्से हैं





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